NEET Scam Expose: NEET पेपर लीक में BJP नेता गिरफ्तार, CBI जांच में सामने आए चौंकाने वाले राज

देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में अब बड़ा राजनीतिक मोड़ आ गया है। राजस्थान में बीजेपी से जुड़े बताए जा रहे नेता दिनेश बिवाल और उसके भाई मांगीलाल बिवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर खरीदकर उसे आगे बेचा। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों भाइयों ने करीब 30 लाख रुपये देकर पेपर खरीदा था। जांच एजेंसियों के अनुसार यह पेपर सीकर जिले के राकेश मंडवारिया से लिया गया था जो कथित तौर पर कंसलटेंसी एजेंसी चलाता था। मामले के सामने आने के बाद अब यह घोटाला सिर्फ शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया बल्कि इसके राजनीतिक कनेक्शन भी चर्चा में आ गए हैं। फिलहाल दोनों आरोपी Central Bureau of Investigation यानी CBI की कस्टडी में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
परिवार के बच्चों के लिए खरीदा गया था पेपर
जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि दिनेश बिवाल और उसके भाई ने शुरुआत में अपने परिवार के कुछ बच्चों के लिए पेपर खरीदा था। बाद में ज्यादा पैसा कमाने के लिए इसे अन्य लोगों तक भी पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि दिनेश बिवाल जयपुर की जमवा रामगढ़ विधानसभा सीट पर बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता रहा है। वह पार्टी के कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा लेता था और भाजपा युवा मोर्चा में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभा चुका है। स्थानीय स्तर पर कई राजनीतिक आयोजनों में उसकी सक्रिय भूमिका रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। यही वजह है कि SOG ने जिन दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था उनमें बिवाल बंधु भी शामिल थे जिन्हें बाद में CBI को सौंप दिया गया।

कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए आरोपी दिनेश बिवाल की तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ साझा की हैं। इनमें राजस्थान सरकार के मंत्री Rajyavardhan Singh Rathore के साथ उसकी तस्वीर भी शामिल बताई जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि आरोपी बीजेपी नेताओं का करीबी रहा है और पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता था। जानकारी के मुताबिक 27 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के जयपुर दौरे के दौरान भी दिनेश बिवाल ने कई जगह स्वागत होर्डिंग्स लगवाई थीं। कांग्रेस अब इस मामले को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी में है और सवाल उठा रही है कि आखिर इतने बड़े नेटवर्क को पहले क्यों नहीं पकड़ा गया। दूसरी ओर बीजेपी की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
CBI अब मेडिकल छात्रों से भी करेगी पूछताछ
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सीकर के राकेश मंडवारिया को देहरादून से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने बिवाल ब्रदर्स के बारे में जानकारी दी। जांच एजेंसियों को शक है कि परिवार के जिन बच्चों के लिए पेपर खरीदा गया था उनमें से कुछ मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई भी कर रहे हैं। अब Central Bureau of Investigation उन छात्रों से भी पूछताछ कर सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका चयन निष्पक्ष तरीके से हुआ था या नहीं। एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए कई छात्रों को गलत तरीके से मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाया गया हो सकता है। फिलहाल दोनों भाइयों से लगातार पूछताछ जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। देशभर में लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस घोटाले ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।